शामली : दवा कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक से जुड़े धर्मांतरण प्रकरण में अब नया मोड़ आ गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेशी के बाद आयुष के घर वापस नहीं लौटने पर उसके पिता ने दो लोगों के खिलाफ अपहरण की शिकायत पुलिस को दी है। वहीं, अब आयुष मलिक का सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने अपने पिता की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। आयुष ने वीडियो में कहा कि वह सुरक्षित है और अपनी इच्छा से रह रहा है।
हाईकोर्ट में पेशी के बाद घर नहीं लौटा आयुष
शामली के दयानंदनगर निवासी दवा व्यवसायी देवराज मलिक ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उनका बेटा इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेशी के बाद घर वापस नहीं लौटा। इसके बाद पुलिस ने उनके बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी। एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, आयुष के पिता की ओर से दिए गए बयान के आधार पर जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए आयुष के वीडियो की भी जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आयुष ने वीडियो जारी कर पिता के आरोपों को नकारा
इस बीच आयुष मलिक का करीब एक मिनट 15 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में आयुष ने अपने पिता की ओर से लगाए गए अपहरण के आरोपों को खारिज किया है। आयुष का कहना है कि कुछ दिन पहले उसकी अपनी मां से बातचीत हुई थी। ऐसे में वह सवाल करता है कि जब वह परिवार के संपर्क में था तो उसके अपहरण की बात कैसे सामने आई। उसने यह भी कहा कि वह अपने पिता के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहता। वीडियो में आयुष ने संपत्ति को लेकर भी कहा कि उसके पिता की संपत्ति पहले भी उनकी थी और अब भी उनकी है। उसने कहा कि उसे किसी तरह की परेशानी होगी तो वह खुद पुलिस को इसकी जानकारी देगा।
धर्मांतरण प्रकरण से जुड़ा है पूरा विवाद
दरअसल, यह पूरा मामला कुछ समय पहले शुरू हुआ था। दवा व्यवसायी देवराज मलिक ने चांदनी कुरैशी नाम की युवती और उसके परिजनों पर अपने बेटे को कथित तौर पर प्रेम संबंध में फंसाकर जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामले में चांदनी कुरैशी, उसके पिता और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद आयुष मलिक की सनातन धर्म में वापसी की बात सामने आई थी। उस दौरान घर में माता-पिता के साथ पूजा-पाठ करते हुए उसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था।
हाईकोर्ट पहुंचा था मामला
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब आयुष मलिक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उसके पिता ने उसे घर में जबरन बंधक बनाकर रखा है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आयुष को बालिग मानते हुए उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को मान्यता दी। आदेश के मुताबिक, वह अपनी इच्छा से कहीं भी आ-जा सकता है और रह सकता है। साथ ही उसे अपनी पसंद का धर्म अपनाने की स्वतंत्रता भी है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयुष अपने घर वापस नहीं लौटा। इसके बाद अब उसके पिता की ओर से अपहरण की शिकायत किए जाने से मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
पिता ने दो लोगों पर लगाए गंभीर आरोप
देवराज मलिक की ओर से सुल्तान कारी और मुफ्ती अब्दुल्ला, दारुल उलूम देवबंद से जुड़े व्यक्ति, के खिलाफ भी शिकायत की गई है। पिता का आरोप है कि सुल्तान कारी ने उनके पास आकर धमकी दी और उनके बेटे के दोबारा धर्म परिवर्तन की बात कही। शिकायत में संपत्ति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।देवराज मलिक ने यह भी आशंका जताई कि उनके बेटे और परिवार के साथ कोई गंभीर घटना हो सकती है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आयुष बोला- आरोपों से माहौल खराब हो सकता है
वहीं, अपने वीडियो में आयुष मलिक ने पिता द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के आरोपों से शामली और आसपास के शहरों में तनाव पैदा हो सकता है। उसने कहा कि वह ठीक है और खुश है। फिलहाल पुलिस पिता की शिकायत और आयुष के सोशल मीडिया वीडियो दोनों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं, देवराज मलिक से इस मामले में प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

